मंगल का मेष राशि में गोचर, स्वराशि में गोचर का प्रभाव (11 मई, 2026)
वैदिक ज्योतिष में मंगल ग्रह को शक्ति, साहस, पराक्रम और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। जब मंगल अपनी ही राशि में गोचर करता है, तब उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। 11 मई 2026, सोमवार को दोपहर 12:50 बजे मंगल ग्रह अपने मित्र बृहस्पति की मीन राशि से निकलकर अपनी स्वामित्व वाली मेष राशि में प्रवेश करेगा। यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रभावशाली माना जा रहा है।
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अब यह जानना अत्यंत रोचक होगा कि मंगल के मेष राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर किस प्रकार पड़ेगा—किसके लिए यह गोचर सफलता और उन्नति लेकर आएगा और किसे सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी।
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मंगल का मेष राशि में गोचर: मेष, वृषभ और मिथुन राशि पर विस्तृत प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि के जातकों के लिए यह गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण रहने वाला है क्योंकि मंगल आपकी ही राशि का स्वामी है और साथ ही आपकी कुंडली के आठवें भाव पर भी इसका अधिकार है। प्रथम भाव आपके व्यक्तित्व, शारीरिक बनावट, आत्मविश्वास, साहस और मानसिक स्थिति को दर्शाता है, जबकि अष्टम भाव जीवन में अचानक आने वाले परिवर्तनों, उतार-चढ़ाव और अनिश्चितताओं से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी ही राशि में अर्थात आपके प्रथम भाव में प्रवेश करेगा। सामान्यतः प्रथम भाव में मंगल का गोचर बहुत शुभ नहीं माना जाता, लेकिन चूंकि मंगल अपनी ही राशि में स्थित होगा, इसलिए यह कुछ सकारात्मक परिणाम भी अवश्य देगा।
इस गोचर के प्रभाव से आपके स्वभाव में तेजी आएगी और आप हर काम को जल्दबाजी में करने का प्रयास करेंगे। यह उत्साह और ऊर्जा आपको आगे बढ़ने में मदद करेगी, लेकिन यदि आपने धैर्य नहीं रखा तो यही जल्दबाजी आपको परेशानियों में भी डाल सकती है। कई बार ऐसी परिस्थितियां बन सकती हैं, जिन पर बाद में आपको पछताना पड़े, इसलिए सोच-समझकर निर्णय लेना बेहद जरूरी रहेगा। दांपत्य जीवन में भी इस दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। आपका उग्र और चिड़चिड़ा व्यवहार जीवनसाथी के साथ मतभेद की वजह बन सकता है, इसलिए रिश्तों में संतुलन बनाए रखना आपके लिए आवश्यक होगा।
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इस समय आप अपने विचारों पर अड़े रहने वाले और जिद्दी स्वभाव के हो सकते हैं, जो परिवार और आसपास के लोगों को असहज कर सकता है। पारिवारिक वातावरण में तनाव की स्थिति बन सकती है, हालांकि इसी दौरान संपत्ति या भूमि से जुड़ा कोई लाभ मिलने के योग भी बन रहे हैं। स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समय थोड़ा कमजोर रह सकता है। बुखार, सिर दर्द या शरीर में अधिक गर्मी से जुड़ी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतना और किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र या जोखिम भरे कार्यों से दूर रहना आपके हित में रहेगा। हालांकि, चुनौतियों के बावजूद यह गोचर आपको लक्ष्य के प्रति बेहद केंद्रित बनाएगा और जो ठान लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। कई मामलों में आप समय से पहले ही काम पूरा कर लेंगे, जिससे आपको प्रशंसा और लाभ दोनों प्राप्त होंगे।
उपाय: मंगल की शुभता बढ़ाने के लिए मंगलवार से प्रतिदिन “ॐ अं अंगारकाय नमः” मंत्र का जाप करना आपके लिए लाभकारी रहेगा।
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वृषभ राशि
वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह सातवें और बारहवें भाव का स्वामी है। सातवां भाव विवाह, जीवनसाथी, व्यापारिक साझेदारी, पब्लिक इमेज और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़ा होता है, जबकि बारहवां भाव खर्चों, विदेश यात्रा, अस्पताल, जेल और एकांत से संबंधित माना जाता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थित होगा, जिसे आमतौर पर बहुत अनुकूल नहीं माना जाता। इसलिए इस समय आपको मिले-जुले परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
मंगल के इस गोचर के प्रभाव से आपके खर्चों में अचानक वृद्धि हो सकती है। कई खर्चे ऐसे होंगे जो जरूरी नहीं होंगे, लेकिन फिर भी धन खर्च होगा, जिससे मानसिक तनाव बढ़ सकता है। इस अवधि में विदेश यात्रा के योग भी बन सकते हैं, लेकिन इन यात्राओं पर भारी खर्च होने की संभावना है, इसलिए पहले से आर्थिक योजना बनाना आवश्यक रहेगा। सकारात्मक पक्ष यह है कि आप अपने विरोधियों से बिल्कुल भी नहीं डरेंगे और पूरे साहस के साथ उनका सामना करेंगे। यदि कोई कानूनी मामला या मुकदमा चल रहा है, तो उसमें आपके पक्ष में स्थितियां बन सकती हैं।
हालांकि, यह समय आपके छोटे भाई-बहनों के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना जरूरी रहेगा। इस दौरान आप अपने कर्ज और उधार को लेकर काफी गंभीर रहेंगे और उसे जल्द से जल्द चुकाने का प्रयास करेंगे, जिससे आपकी जमा पूंजी का कुछ हिस्सा खर्च हो सकता है। दांपत्य जीवन के लिहाज से यह गोचर अनुकूल नहीं कहा जा सकता। जीवनसाथी के साथ तनाव बढ़ सकता है और उनका व्यवहार अधिक गुस्से वाला रह सकता है, जिससे रिश्ते में खटास आने की संभावना रहेगी। ऐसे में संयम और समझदारी से काम लेना बेहद जरूरी होगा।
उपाय: मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार के दिन बजरंगबली को मीठा पान अर्पित करना शुभ रहेगा।
मिथुन राशि
मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर अत्यंत शुभ साबित हो सकता है। मंगल आपकी कुंडली में छठे और एकादश भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान यह आपकी राशि से एकादश भाव में प्रवेश करेगा। छठा भाव संघर्ष, प्रतियोगिता, नौकरी, कर्ज, बीमारी और विरोधियों से जुड़ा होता है, जबकि एकादश भाव आय, लाभ और इच्छाओं की पूर्ति का भाव माना जाता है। एकादश भाव में मंगल का गोचर वैसे ही अच्छा माना जाता है और जब मंगल अपनी ही राशि में हो, तो यह आपके लिए सोने पर सुहागा साबित होता है।
इस गोचर के परिणामस्वरूप आपकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। आय के एक नहीं बल्कि कई नए स्रोत बन सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति तेजी से मजबूत होगी। लंबे समय से रुके हुए कार्य अब पूरे होंगे और उनसे आपको धन लाभ के साथ-साथ सामाजिक मान-सम्मान भी प्राप्त होगा। इस दौरान आपकी महत्वाकांक्षाएं पूरी होंगी, जिससे मानसिक संतुष्टि और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।
सामाजिक जीवन में भी यह समय आपके लिए बेहद लाभकारी रहेगा। नए लोगों से संपर्क बनेगा और कुछ प्रभावशाली व्यक्ति आपके लिए मददगार सिद्ध होंगे। मंगल का यह गोचर आपको न केवल धन कमाने बल्कि उसे संचित करने की प्रेरणा भी देगा। परिवार की जरूरतों पर आप खुलकर खर्च करेंगे और घर-परिवार के साथ समय बिताने का प्रयास करेंगे। हालांकि प्रेम जीवन में कुछ तनाव की स्थिति बन सकती है और छोटी-छोटी बातों पर विवाद हो सकता है, इसलिए बहस से बचना आपके रिश्ते के लिए जरूरी रहेगा।
इस समय आपकी संतान को स्वास्थ्य के प्रति थोड़ा सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। पढ़ाई के क्षेत्र में यह गोचर आपके लिए अनुकूल रहेगा और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक बनेगा। आमदनी बढ़ने से आप अपने पुराने कर्ज चुकाने में सफल होंगे। विरोधियों पर विजय मिलेगी और नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या पदोन्नति मिलने की भी प्रबल संभावना है।
उपाय: मंगल की कृपा प्राप्त करने के लिए मंगलवार के दिन अस्पताल या ब्लड बैंक में रक्तदान करना आपके लिए अत्यंत शुभ रहेगा।
मंगल का मेष राशि में गोचर: कर्क, सिंह और कन्या राशि पर विस्तृत प्रभाव
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह आपकी कुंडली में केंद्र और त्रिकोण भाव का स्वामी होकर योगकारक ग्रह बन जाता है। मंगल आपके पंचम और दशम भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान वह आपके दशम भाव में ही स्थित होगा। पंचम भाव बुद्धि, रचनात्मकता, शिक्षा, प्रेम संबंध और संतान से जुड़ा होता है, जबकि दशम भाव कर्म, व्यवसाय, पद-प्रतिष्ठा और पिता को दर्शाता है। दशम भाव में मंगल को दिग्बल प्राप्त होता है, जिससे मंगल यहां अत्यंत शक्तिशाली हो जाता है और यह गोचर आपके लिए विशेष फलदायी सिद्ध हो सकता है।
इस गोचर के प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में जबरदस्त उन्नति देखने को मिलेगी। आप अपने काम में बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे, जिससे आपके मान-सम्मान में वृद्धि होगी। कार्यभार बढ़ेगा, लेकिन साथ ही आपके अधिकार और शक्तियां भी बढ़ेंगी। वरिष्ठ अधिकारी आप पर भरोसा जताएंगे और आपको प्रोत्साहन मिलेगा। प्रमोशन या पदोन्नति के प्रबल योग बन रहे हैं। हालांकि इस समय अति आत्मविश्वास और जल्दबाजी से बचना बेहद जरूरी होगा, क्योंकि जल्द लिए गए निर्णय बाद में परेशानी का कारण बन सकते हैं।
स्वास्थ्य के लिहाज से यह गोचर थोड़ा कमजोर रह सकता है। काम की अधिकता और मानसिक दबाव के कारण थकान, बुखार या शरीर में कमजोरी महसूस हो सकती है, इसलिए अपने स्वास्थ्य को नजरअंदाज न करें। पारिवारिक जीवन में भी कुछ तनाव देखने को मिल सकता है, विशेष रूप से संतान से संबंधित मामलों में चिंता बढ़ सकती है या उनके साथ आपके संबंधों में दूरी आ सकती है। व्यस्तता के कारण आप परिवार को पर्याप्त समय नहीं दे पाएंगे, जिसका असर घरेलू वातावरण पर पड़ सकता है।
प्रेम जीवन के दृष्टिकोण से यह समय अनुकूल नहीं कहा जा सकता। प्रिय से अधिक बातचीत या बार-बार मुलाकात करने पर छोटी-छोटी बातों से विवाद बढ़ सकता है, इसलिए संयम रखना बेहतर रहेगा। शिक्षा के क्षेत्र में यह गोचर सामान्य परिणाम देगा और विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा।
उपाय: मंगल की शुभता बनाए रखने के लिए मंगलवार के दिन लाल रंग के धागे में तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभकारी रहेगा।
सिंह राशि
सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल ग्रह योगकारक है क्योंकि यह आपके नवम और चतुर्थ भाव का स्वामी है। चतुर्थ भाव माता, सुख-सुविधाओं, घर और संपत्ति का कारक होता है, जबकि नवम भाव भाग्य, धर्म और उच्च ज्ञान से जुड़ा माना जाता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेगा, जो लंबी और सुदूर यात्राओं का भी संकेत देता है।
मंगल का यह गोचर सिंह राशि वालों के लिए सामान्य रूप से फलदायी रहेगा। इस अवधि में आपको लंबी यात्राओं पर जाने के अवसर मिल सकते हैं। ये यात्राएं धार्मिक स्थलों, तीर्थ स्थानों या पर्वतीय क्षेत्रों की ओर हो सकती हैं। हालांकि इस समय आपके पिता के स्वास्थ्य में कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है, इसलिए उनकी सेहत का विशेष ध्यान रखना आवश्यक रहेगा।
इस गोचर के प्रभाव से आपके विचारों में धार्मिक झुकाव बढ़ सकता है और आप अपने सिद्धांतों को लेकर कुछ हद तक कट्टर भी हो सकते हैं, जो सभी को पसंद आए ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए अपने व्यवहार में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। विदेशों में रहने वाले संपर्कों से बातचीत का अवसर मिलेगा, लेकिन उनसे बहुत अधिक व्यावहारिक लाभ मिलने की संभावना कम रहेगी।
भाई-बहनों के लिए यह समय सामान्य रहेगा। उनके स्वास्थ्य में हल्की कमजोरी हो सकती है, लेकिन व्यापार या कार्यक्षेत्र में वे अच्छा धन अर्जित करेंगे। यह गोचर आपकी मेहनत और प्रयास करने की क्षमता को मजबूत करेगा। परिवार के लिए संपत्ति खरीदने या घर से जुड़ा कोई बड़ा निर्णय सफल हो सकता है, जिससे पूरे परिवार में खुशी का माहौल बनेगा। आपके सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और कुछ लोगों के लिए कार्यक्षेत्र में स्थानांतरण के योग भी बन सकते हैं।
उपाय: मंगल की कृपा प्राप्त करने के लिए मंगलवार के दिन हनुमान जी की मूर्ति के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर सुंदरकांड का पाठ करना शुभ रहेगा।
कन्या राशि
कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और आठवें भाव का स्वामी है और ये दोनों भाव सामान्यतः चुनौतीपूर्ण माने जाते हैं। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, भाई-बहन, संवाद और छोटी यात्राओं से जुड़ा होता है, जबकि आठवां भाव अचानक होने वाले परिवर्तन, रहस्य, दुर्घटना और स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत देता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से आठवें भाव में स्थित होगा, जो अधिक अनुकूल नहीं माना जाता।
मंगल का मेष राशि में गोचर कन्या राशि वालों को स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से कमजोर बना सकता है। इस समय चोट लगने, दुर्घटना होने, सर्जरी की स्थिति बनने या किसी प्रकार की शारीरिक समस्या होने की आशंका रहती है। इसलिए आपको अपने खान-पान, दिनचर्या और वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लापरवाही इस समय भारी पड़ सकती है।
इस गोचर के दौरान आपको गुप्त या अप्रत्याशित स्रोतों से धन लाभ हो सकता है, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। हालांकि यह ध्यान रखना जरूरी है कि अनैतिक तरीकों से प्राप्त धन आगे चलकर मानसिक परेशानी और नुकसान का कारण भी बन सकता है, इसलिए कोई भी निर्णय सोच-समझकर लें। यह गोचर आपके ससुराल पक्ष में किसी शुभ कार्य की ओर भी संकेत करता है और वहां धन लाभ के योग बन सकते हैं।
जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर यह समय थोड़ा संवेदनशील रहेगा, इसलिए उनकी सेहत पर ध्यान देना आवश्यक होगा। साथ ही छोटे भाई-बहनों के साथ अपने संबंध मधुर बनाए रखें, क्योंकि इस समय उन्हें आपके सहयोग की जरूरत पड़ सकती है।
उपाय: मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार के दिन किसी मंदिर में गेहूं और गुड़ का दान करना शुभ माना जाएगा।
मंगल का मेष राशि में गोचर: तुला, वृश्चिक और धनु राशि पर विस्तृत प्रभाव
तुला राशि
तुला राशि के जातकों के लिए मंगल दूसरे और सप्तम भाव का स्वामी है। दूसरा भाव धन, परिवार, वाणी और खान-पान से जुड़ा होता है, जबकि सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, व्यावसायिक साझेदारी, आयात-निर्यात और सार्वजनिक जीवन को दर्शाता है। ये दोनों ही भाव मारक माने जाते हैं, इसलिए इन पर मंगल का प्रभाव जीवन में कुछ चुनौतियां भी लेकर आता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव में स्थित होगा, जिससे आपको मिले-जुले परिणामों का सामना करना पड़ सकता है।
इस गोचर के प्रभाव से आपके जीवनसाथी के स्वभाव में स्पष्ट बदलाव दिखाई देगा। उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन साथ ही अधीरता और जिद भी देखने को मिलेगी। वे अपनी बात को मनवाने के लिए कभी-कभी आप पर हावी होने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे समय में आपको समझदारी और संयम से काम लेना होगा। अच्छी बात यह रहेगी कि जीवनसाथी का स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और यदि वे किसी पुरानी समस्या से जूझ रहे थे तो उसमें सुधार आएगा। आपकी खुशी के लिए वे हर काम खुद करने का प्रयास करेंगे और तेजी से निर्णय लेंगे।
नौकरीपेशा जातकों के लिए यह गोचर सकारात्मक संकेत देता है। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति के योग बन सकते हैं और यह पद आपको एक नई पहचान दिला सकता है। मेहनत और लगन के साथ किया गया कार्य आपको ऊंचाइयों तक पहुंचा सकता है। वहीं व्यापारियों के लिए मंगल का यह गोचर धन लाभ और व्यापार विस्तार का कारण बन सकता है। व्यापार में वृद्धि होगी और नए अवसर सामने आएंगे, लेकिन व्यावसायिक साझेदार के साथ मतभेद की स्थिति भी बन सकती है, इसलिए साझेदारी से जुड़े मामलों में सतर्क रहना आवश्यक होगा।
स्वास्थ्य के लिहाज से यह समय थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। मंगल के प्रभाव से शरीर में पित्त तत्व बढ़ सकता है, जिससे अपच, एसिडिटी, सिर दर्द, बुखार या रक्तचाप जैसी समस्याएं परेशान कर सकती हैं। खान-पान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी रहेगा। इस दौरान आप जीवनसाथी पर धन खर्च करेंगे और उनकी इच्छाओं को पूरा करने की कोशिश करेंगे। यह गोचर आपको आत्ममंथन की ओर भी ले जाएगा, जहां आप अपने फैसलों और जीवन की दिशा पर गंभीरता से विचार करेंगे।
उपाय: मंगल की शुभ कृपा प्राप्त करने के लिए तांबे के लोटे में गुड़ या गेहूं भरकर किसी मंदिर में दान करना लाभकारी रहेगा।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का हर गोचर अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि मंगल आपकी राशि का स्वामी है। यह आपकी कुंडली में प्रथम और छठे भाव का स्वामी भी है। छठा भाव संघर्ष, प्रतियोगिता, शत्रु और चुनौतियों का भाव माना जाता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से छठे भाव में स्थित होगा और छठे भाव में मंगल का गोचर सामान्यतः शुभ फल देने वाला माना गया है। ऊपर से मंगल अपनी ही राशि में होने के कारण इसके सकारात्मक प्रभाव और अधिक बढ़ जाएंगे।
इस गोचर के प्रभाव से नौकरी और करियर में जबरदस्त उन्नति के योग बनेंगे। आप जिस भी कार्य में हाथ डालेंगे, उसमें सफलता मिलेगी। आपकी मेहनत रंग लाएगी और आप अपने विरोधियों पर पूरी तरह हावी रहेंगे। वे आपके सामने टिक नहीं पाएंगे, जिससे आपकी प्रतिष्ठा और यश में वृद्धि होगी। खर्चों पर नियंत्रण रहेगा और आपकी आर्थिक स्थिति पहले से कहीं अधिक मजबूत होगी। आप आत्मविश्वास के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ेंगे।
जो विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उनके लिए यह समय अत्यंत शुभ साबित हो सकता है। प्रतियोगिताओं में सफलता मिलने के प्रबल योग हैं और परीक्षा परिणाम आपके पक्ष में रहेंगे। राजनीति, कानून, प्रशासन या सरकारी क्षेत्रों से जुड़े लोगों को भी इस गोचर का विशेष लाभ मिलेगा। सरकारी लाभ, पद या सम्मान मिलने की संभावना भी बन सकती है। अपनी मेहनत और परिश्रम से आप अपनी किस्मत को नई दिशा देंगे। हालांकि इस गोचर का नकारात्मक पक्ष स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है। थकान, चोट या किसी पुरानी समस्या के उभरने की आशंका रहेगी, इसलिए पूरे गोचर काल में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। इस अवधि में आपके पिता को भी उनके कार्यक्षेत्र में उन्नति मिल सकती है, जिससे परिवार में खुशी का माहौल बनेगा।
उपाय: मंगल की कृपा बनाए रखने के लिए “ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” बीज मंत्र का नियमित जाप करना लाभकारी रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि के जातकों के लिए मंगल पांचवें और बारहवें भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से पंचम भाव में अपनी ही राशि मेष में स्थित होगा।पंचम भाव बुद्धि, प्रेम, संतान, शिक्षा और रचनात्मकता से जुड़ा होता है। पंचम भाव में मंगल का गोचर सामान्यतः बहुत अनुकूल नहीं माना जाता, इसलिए इस दौरान आपको मिश्रित परिणाम मिल सकते हैं।
इस गोचर का सकारात्मक पक्ष यह रहेगा कि आपकी रचनात्मकता और कला निखरकर सामने आएगी। आप अपनी किसी प्रतिभा या क्रिएटिव स्किल को आय का माध्यम बना सकते हैं। इससे आपकी आमदनी बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। समाज में आपकी पहचान भी बेहतर बनेगी। हालांकि निजी जीवन में कुछ परेशानियां सामने आ सकती हैं, विशेषकर प्रेम संबंधों में।
प्रेम जीवन में आपके प्रिय का स्वभाव कुछ चिड़चिड़ा और गुस्से वाला हो सकता है। वे अपनी बात मनवाने के लिए अधिक दबाव बना सकते हैं और रिश्ते को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी दिखा सकते हैं, जो आपको असहज कर सकता है। ऐसे में धैर्य से काम लेना और संवाद बनाए रखना जरूरी होगा। विवाहित जातकों के लिए यह गोचर सकारात्मक रहेगा। जीवनसाथी को करियर में अच्छे अवसर मिलेंगे और उनकी उन्नति से आपको भी संतोष मिलेगा। संतान के लिए यह समय सामान्य रहेगा। उनका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा, लेकिन वे थोड़े जिद्दी हो सकते हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में यह गोचर ठीक-ठाक परिणाम देगा। आप विषयों को समझने में सफल रहेंगे और परीक्षा परिणाम भी संतोषजनक रहेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से पेट में गर्मी, एसिडिटी या पाचन से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं, इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान दें।
उपाय: मंगल के प्रभाव को संतुलित करने के लिए बृहस्पतिवार के दिन भूरे रंग की गाय को गुड़ खिलाना शुभ रहेगा।
मंगल का मेष राशि में गोचर: मकर, कुंभ और मीन राशि पर विस्तृत प्रभाव
मकर राशि
मकर राशि के जातकों के लिए मंगल चौथे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी कुंडली के चतुर्थ भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में चतुर्थ भाव माता, सुख-सुविधाएं, घर, वाहन और संपत्ति से जुड़ा होता है। सामान्यतः चतुर्थ भाव में मंगल का गोचर बहुत शुभ नहीं माना जाता, इसलिए इस अवधि में आपको मिश्रित परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
इस गोचर का सबसे सकारात्मक पक्ष यह रहेगा कि आपकी संपत्ति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही इच्छाएं पूरी हो सकती हैं। यदि आपकी दशा अनुकूल चल रही है, तो इस समय घर खरीदने, जमीन या फ्लैट लेने अथवा किसी चल या अचल संपत्ति के मालिक बनने के प्रबल योग बन सकते हैं। कुछ जातक इस दौरान नई या महंगी गाड़ी भी खरीद सकते हैं, जिससे जीवन में सुख-सुविधाओं की बढ़ोतरी होगी। आमदनी में वृद्धि के योग भी बनेंगे और इससे आप अपने जीवन स्तर को बेहतर बना पाएंगे।
हालांकि दूसरी ओर यह गोचर आपकी माता के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है। उनके स्वभाव में चिड़चिड़ापन आ सकता है, जिससे पारिवारिक माहौल में अशांति पैदा हो सकती है। घर के अंदर मतभेद और तनाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए आपको धैर्य से काम लेना होगा और परिवार की जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देना पड़ेगा। करियर के मामले में भी यह गोचर थोड़ा सतर्क रहने का संकेत देता है। नौकरी में आपका गुस्सैल रवैया या जल्दबाजी आपको मुश्किल में डाल सकती है, इसलिए संयम और समझदारी से काम करना जरूरी होगा।
दांपत्य जीवन में भी इस दौरान तनाव बढ़ सकता है। जीवनसाथी के साथ गलतफहमी या विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए छोटी-छोटी बातों को बढ़ावा देने से बचें। कुल मिलाकर यह गोचर आय बढ़ाने वाला जरूर रहेगा, लेकिन मानसिक शांति बनाए रखने के लिए आपको संतुलन साधना होगा।
उपाय: मंगल के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मंगलवार के दिन किसी मंदिर में लाल रंग का झंडा चढ़ाना शुभ माना जाएगा।
कुंभ राशि
कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल तीसरे और दसवें भाव का स्वामी है। तीसरा भाव साहस, पराक्रम, संचार, छोटे भाई-बहन और छोटी यात्राओं से जुड़ा होता है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से तीसरे भाव में अपनी ही राशि मेष में स्थित होगा, जो ज्योतिष की दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जाता है। यह स्थिति आपको शक्ति, आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगी।
इस गोचर के प्रभाव से आपके साहस और पराक्रम में जबरदस्त वृद्धि होगी। आप जोखिम लेने से नहीं डरेंगे और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ेंगे। आपके प्रयास सफल होंगे और आप अपने परिश्रम के बल पर नई ऊंचाइयों को छू पाएंगे। भाई-बहनों के साथ संबंध मजबूत होंगे और वे हर परिस्थिति में आपका साथ देंगे। आपकी मार्केटिंग स्किल, संचार क्षमता और मेहनत आपको सफलता दिलाने में अहम भूमिका निभाएगी।
मंगल का यह गोचर आपको शत्रुओं पर भी विजय दिलाएगा। जो लोग आपके खिलाफ साजिशें करते थे, वे अब कमजोर पड़ेंगे और आपका कुछ भी नुकसान नहीं कर पाएंगे। खिलाड़ी और खेल जगत से जुड़े लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से लाभकारी रहेगा और उन्हें अपने खेल में बड़ी सफलता मिल सकती है। इस दौरान आप कई छोटी यात्राएं भी करेंगे, जो आपके लिए लाभदायक साबित होंगी। इन यात्राओं के माध्यम से आपकी मित्र संख्या बढ़ेगी और नए संपर्क बनेंगे।
नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बेहद अच्छा रहेगा। आप अपने कार्य में दक्षता हासिल करेंगे और वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा प्राप्त करेंगे। व्यापारियों के लिए भी यह गोचर अत्यंत अनुकूल रहेगा। व्यापार में तेजी आएगी, मांग बढ़ेगी और लाभ में इजाफा होगा।
उपाय: मंगल की शुभता को और मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन अनार के वृक्ष को जल देना लाभकारी माना जाता है।
मीन राशि
मीन राशि के जातकों के लिए मंगल दूसरे और नवें भाव का स्वामी है। इस गोचर के दौरान मंगल आपकी कुंडली के दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। दूसरा भाव धन, परिवार, वाणी और संचित संपत्ति का भाव माना जाता है। आमतौर पर दूसरे भाव में मंगल का गोचर बहुत शुभ नहीं कहा जाता, लेकिन चूंकि मंगल अपनी ही राशि में गोचर कर रहा है और आपके धन भाव का स्वामी भी है, इसलिए यह आपको कई अच्छे परिणाम भी देगा।
इस गोचर के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा। धन की आवक बढ़ेगी और भाग्य का भी पूरा साथ मिलेगा। अचानक धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं और किसी रुके हुए कार्य के पूरे होने से भी धन लाभ हो सकता है। आप जिस भी काम को करने की योजना बनाएंगे, उसके लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी। यह गोचर परिवार के मान-सम्मान को बढ़ाने वाला भी साबित होगा, हालांकि किसी न किसी बात को लेकर पारिवारिक तनाव बना रह सकता है और आपसी वाद-विवाद की स्थिति भी बन सकती है।
स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समय थोड़ा सावधानी बरतने का संकेत देता है। असंतुलित खान-पान, अधिक मिर्च-मसाले या अत्यधिक तले-भुने भोजन से पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी होगा, क्योंकि उन्हें भी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में यह गोचर बेहद अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों को परीक्षा में अच्छे परिणाम मिलेंगे और उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्र इस दौरान पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम काम करके धन अर्जित करना शुरू कर सकते हैं।
प्रेम जीवन में भी यह गोचर सकारात्मक संकेत देता है। आप अपने प्रिय को खुश रखने की पूरी कोशिश करेंगे। बीच-बीच में छोटी-मोटी नोकझोंक जरूर हो सकती है, लेकिन वह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगी और आपसी बातचीत से सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
उपाय: मंगल की कृपा बनाए रखने और भाग्य को मजबूत करने के लिए मंगलवार के दिन तीन मुखी रुद्राक्ष धारण करना शुभ माना जाता है।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. 2026 में मंगल का मेष राशि में उदय कब होगा?
11 मई 2026, सोमवार को दोपहर 12:50 बजे मंगल ग्रह मेष राशि में प्रवेश करेंगे।
2. मेष राशि का स्वामी कौन है?
मेष के स्वामी मंगल देव हैं।
3. ग्रह का गोचर होना किसे कहते हैं?
ज्योतिष के अनुसार, जब कोई ग्रह एक राशि से निकलकर दूसरी राशि में प्रवेश करता है, तब उसे गोचर कहते हैं
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